अध्याय 161 जो भी मुर्गियों से बाहर निकलता है वह मूर्ख है

"क्या? सूंडी? कहाँ?"

जेम्स के बोलते ही शार्लट की आँखें फटाक से खुल गईं, और उसके चेहरे पर पल भर में घबराहट छा गई।

वह बदहवास होकर हाथ झटकने लगी और फिर उछलकर जेम्स से चिपक गई, आवाज़ में हड़बड़ी थी।

"कहाँ है वो? भाग तो नहीं गई? जल्दी, उसे हटाने में मेरी मदद करो!"

शार्लट को कीड़े-मकोड़े सख्त नापसंद थ...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें